मैं अगर इस देश का प्रधान होता तो..✍

मैं अगर इस देश का प्रधान होता तो बलात्कारियों के लिए सिर्फ एक ही प्रावधान रखता !

बलात्कार करने वालो को शहर/गाँव/ढाणी के बीच चौराहे पर जिंदा लटकाकर उनके शरीर का एक-एक अंग (एक किडनी, एक आंख, एक कान, एक बोतल खून) लेकर जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करता


इससे दो फायदे होते..


(1). देश के शहर-गाँव-ढाणी में आपराधिक गतिविधयों को अंजाम देने वाले तत्वों को अपराध का अंजाम उसके परिणाम और उनमें " जैसा करोगे वैसा ही भरोगे " का नियम दिल मे उनके डर बनकर हमेशा के लिए समा जाता.


(2). देश के शहर-गाँव-ढाणी में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले तत्वों को उनके शरीर से एक-एक अंग लिया जाता जिससे आर्थिक रूप से पिछड़े लोगो को शरीर के अंग दान देकर जरूरतमंद लोगो की मदद भी जाती.

#M@n6i




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